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UPI के 10 साल पूरे: मोबाइल में बैंक; QR ने बदली पेमेंट की तस्वीर

नई दिल्ली: भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) ने 10 साल का सफर पूरा कर लिया है। 25 अगस्त 2016 को आम लोगों के लिए शुरू हुआ UPI आज देश में भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। मोबाइल और QR कोड के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान की सुविधा ने लोगों के पेमेंट करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

जेब में कैश रखने की जरूरत हुई कम

UPI के आने के बाद लोगों के लिए भुगतान करना पहले के मुकाबले काफी आसान हुआ है। बाजार में खरीदारी से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली-पानी के बिल और छोटे-बड़े कारोबार तक, कई तरह के भुगतान मोबाइल से किए जा सकते हैं। QR कोड स्कैन कर सीधे बैंक खाते से पैसे भेजने की सुविधा ने कैश पर निर्भरता कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

10 साल में हजारों गुना बढ़ा इस्तेमाल

UPI की शुरुआत के बाद इसके जरिए होने वाले लेनदेन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के जरिए 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन हुए, जिनकी कुल कीमत करीब 314 लाख करोड़ रुपये रही। यह आंकड़ा बताता है कि UPI किस तरह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है।

QR कोड ने बदली भुगतान की तस्वीर

UPI के साथ QR कोड भुगतान तेजी से लोकप्रिय हुआ। अब दुकानों, रेहड़ी-पटरी से लेकर बड़े शोरूम और रेस्टोरेंट तक QR कोड के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। ग्राहक केवल QR स्कैन करके कुछ सेकंड में भुगतान कर सकता है।

PM मोदी ने लोगों से पूछा अनुभव

UPI के 10 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके सफर को भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने लोगों से UPI को लेकर अपने अनुभव साझा करने की अपील भी की।

UPI की 10 साल की यात्रा को भारत में डिजिटल भुगतान के विस्तार और तकनीक के आम लोगों की जिंदगी से जुड़ने की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।

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Himanshu Dubey
Himanshu Dubeyhttps://nation9network.com
मैं हिमांशु दुबे पूर्वांचल की मिट्टी और अवध की तहज़ीब से निकलकर दिल्ली के दिल तक का सफ़र—जहाँ शब्दों ने मुझे पहचान दी और पत्रकारिता ने मेरी दिशा तय की। मीडिया और समाज को करीब से समझने की जिज्ञासा मुझे जामिया मिल्लिया इस्लामिया तक ले गई, जहाँ मैंने मास मीडिया का अध्ययन किया। वर्तमान में मैं भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का छात्र हूँ और पत्रकारिता को एक पेशे के साथ-साथ समाज को देखने और समझने का माध्यम मानता हूँ। आज़मगढ़ | लखनऊ | दिल्ली | जम्मू 📍 समाज, राजनीति, संस्कृति और ज़मीनी सरोकारों से जुड़े सवालों को समझना और उन्हें अपनी भाषा में सामने रखना मेरी निरंतर कोशिश है। संपर्क: ✉️ iamhimanshu032@gmail.com
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