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BBAU का 11वां दीक्षांत समारोह। राजनाथ सिंह और बृजेश पाठक शामिल। 8,551 छात्रों को मिली उपाधि।

BBAU लखनऊ 11वां दीक्षांत: लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को 11वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक विशिष्ट अतिथि रहे। करीब साढ़े तीन साल बाद आयोजित इस समारोह में 2023, 2024, 2025 और 2026 के चार सत्रों के कुल 8,551 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई।

राजनाथ सिंह का संदेश: ‘बिलीव इन इंडिया’ से ही मिलेगी असली ताकत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो रहा, बल्कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और क्षमता पर गर्व करने वाला देश भी बन रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के पीछे ‘बिलीव इन इंडिया’ की भावना काम कर रही है। आज देश के युवा अपनी पहचान, संस्कृति और भारत के भविष्य पर भरोसा कर रहे हैं, यही वजह है कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और नए युवाओं के दम पर भारत को सुपरपावर बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि आज मिलने वाली डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि जीवन की नई मंजिलों तक पहुंचने का माध्यम है।

साइकिल-बैलगाड़ी से मंगल तक: भारत की अंतरिक्ष यात्रा का सफर

रक्षा मंत्री ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय देश में रॉकेट को साइकिल और बैलगाड़ी से ले जाया जाता था, लेकिन आज भारत मंगल तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि भारत अब अंतरिक्ष में अपना प्राइवेट स्टेशन बनाने और ह्यूमन मिशन शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय विदेशी अखबार भारत के अंतरिक्ष मिशनों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। भारत कुछ बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है और अब हम नियम बनाने की स्थिति में हैं।

डॉ. अंबेडकर का उदाहरण: शिक्षा को बनाया हथियार, नहीं चुना हिंसा का रास्ता

राजनाथ सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि स्कूल के दिनों में उन्हें नल से पानी पीने तक नहीं दिया जाता था। इसके बावजूद डॉ. अंबेडकर ने हिंसा का रास्ता नहीं चुना, बल्कि शिक्षा को अपना हथियार बनाया।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और देश को बदलने की ताकत भी देती है। राजनाथ सिंह ने डॉ. अंबेडकर के मंत्र ‘शिक्षित करो, आंदोलन करो और संगठित करो’ का हवाला देते हुए युवाओं से संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

बृजेश पाठक का संदेश: पद मिलने पर गर्मी नहीं, जिम्मेदारी का अहसास हो

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि किसी को पद मिलने के बाद उसमें गर्मी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। उन्होंने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्कुराने की पहचान वाले लखनऊ में आज ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है।

बृजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल की आवाज सुनकर दुश्मन देशों की धुकधुकी बढ़ने लगती है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह की खास बातें और तैयारियां

इस दीक्षांत समारोह में 15 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल और अन्य पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में हुई।

समारोह से पहले 27 और 28 अगस्त को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ऑफिशियल स्टोल वितरित किए गए। 27 अगस्त को रिहर्सल और 28 अगस्त को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई।

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