Sunday, October 25, 2026
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सत्य निकेतन में बिल्डिंग हादसे के बाद बड़ा एक्शन, 7 इमारतें सील, 35 को नोटिस; 1100 PG का सर्वे

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के बाद इलाके में लगातार जांच और सर्वे का काम चल रहा है। पिछले दो दिनों में करीब 1100 पेइंग गेस्ट (PG) परिसरों का सर्वे किया गया, जहां लगभग 20,250 छात्र रह रहे हैं।

क्या हुआ था?

6 सितंबर को सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी इमारत अचानक गिर गई। हादसे के समय इमारत में निर्माण/मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से वहां मौजूद लोगों के मलबे में दबने की आशंका पैदा हुई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया।

हादसे ने राजधानी में पुराने भवनों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और बिना पर्याप्त सुरक्षा के चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

हादसे के बाद कैसे शुरू हुआ एक्शन?

घटना के बाद MCD ने सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में स्थित PG तथा अन्य इमारतों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने भवनों की स्थिति, निर्माण की अनुमति और नियमों के पालन समेत कई बिंदुओं की जांच की।

सर्वे के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 7 इमारतों को सील किया गया है, जबकि 35 संपत्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा कुछ अवैध निर्माणों के खिलाफ डिमोलिशन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

1100 PG में 20 हजार से ज्यादा छात्र

MCD की जांच में सामने आया कि करीब 1100 PG परिसरों में लगभग 20,250 छात्र रह रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के एक ही क्षेत्र में रहने के कारण प्रशासन के लिए भवनों की सुरक्षा जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

अधिकारियों की ओर से ऐसे भवनों पर भी नजर रखी जा रही है जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन, अवैध बदलाव या सुरक्षा संबंधी खामियां मिलने की संभावना है।

अब आगे क्या?

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का फोकस सिर्फ हादसे वाली इमारत तक सीमित नहीं है। आसपास के PG और अन्य भवनों की भी जांच की जा रही है। जिन संपत्तियों में गंभीर अनियमितताएं मिल रही हैं, उनके खिलाफ सीलिंग, नोटिस और डिमोलिशन जैसी कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं दूसरी इमारतें भी नियमों का उल्लंघन करके तो नहीं चल रही हैं और वहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा खतरे में तो नहीं है।

फिलहाल सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पुराने भवनों, अवैध निर्माण और PG परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

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Himanshu Dubey
Himanshu Dubeyhttps://nation9network.com
हिमांशु दुबे पूर्वांचल की मिट्टी और अवध की तहज़ीब से निकलकर दिल्ली के दिल तक का सफ़र—जहाँ शब्दों ने पहचान दी और पत्रकारिता ने दिशा तय की।मीडिया और समाज को करीब से समझने की जिज्ञासा मुझे जामिया मिल्लिया इस्लामिया तक ले गई, जहाँ मैंने मास मीडिया का अध्ययन किया। वर्तमान में मैं भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का छात्र हूँ और पत्रकारिता को सिर्फ़ एक पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज को देखने, समझने और उसके सवालों को सामने लाने के माध्यम के रूप में देखता हूँ। आज़मगढ़ | लखनऊ | दिल्ली | जम्मू 📍 मैं समाज, राजनीति, ज़मीनी सरोकार के साथ वर्तमान में समसामयिक विषयों पर लिखता हूँ इसके साथ ही टेक्नोलॉजी, डिफेंस, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, देश और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों को सरल और सहज भाषा में पाठकों तक पहुंचाना मेरी लेखन शैली और विवेक की प्राथमिकता है। संपर्क: ✉️ iamhimanshu032@gmail.com
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