Wednesday, September 9, 2026
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बाराबंकी में सरयू नदी का रौद्र रूप, कई गांव बाढ़ की चपेट में

बाराबंकी: बाराबंकी जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ बाढ़ और कटान का संकट गंभीर होता जा रहा है। रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों में नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। तेज धारा और लगातार हो रहे कटान के कारण ग्रामीणों के सामने अपने घर, जमीन और जीवनभर की संपत्ति बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

ताजा स्थिति में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी तेजी से आसपास के लगभग 60 गांवों की ओर बढ़ रहा है। हेतमापुर, सुंदरनगर, जमका, खुज्जी, ललपुरवा, कोडरी, बाबापुरवा, केदारीपुर, बेलहरी, मदरहा और डिहुवा जैसे गांवों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

हेतमापुर गांव में सरयू नदी की तेज धारा ने बंद पड़े दूरसंचार केंद्र के भवन को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा भवन कटान के कारण नदी में समा गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी लगातार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है और यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो कई और मकान और सार्वजनिक भवन खतरे की जद में आ सकते हैं।

सरयू नदी के कटान से हेतमापुर स्थित हनुमान मंदिर पर भी संकट मंडरा रहा है। मंदिर परिसर में लगा सरकारी हैंडपंप नदी की ओर झुक गया है। वहीं आसपास स्थित कई मकान कटान की सीमा पर पहुंच गए हैं। एक ग्रामीण के मकान का आधा हिस्सा पहले ही नदी में समा चुका है। खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घरों को स्वयं तोड़कर ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

सुंदरनगर समेत कई गांवों के बाढ़ पीड़ित लोग तटबंधों पर अस्थायी रूप से रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरयू की तेज धारा और पानी में बनने वाले भंवर के कारण जमीन तेजी से कट रही है। लोगों ने कटान रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर बोल्डर और पत्थर लगाने की मांग की है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रामनगर प्रशासन भी सक्रिय है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को सुबह और शाम भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, बढ़ता जलस्तर और लगातार हो रहा कटान प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

बाराबंकी में सरयू नदी की यह स्थिति एक बार फिर नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा और स्थायी कटानरोधी उपायों की आवश्यकता को सामने लाती है। आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता और राहत कार्यों को तेज रखना बेहद जरूरी है।

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