FakeCoins: नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने डाई तैयार कराने वाले व्यक्ति और ठिकाने की तलाश तेज की
उत्तर प्रदेश में नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद अब पुलिस की जांच उस डाई तक पहुंचने पर केंद्रित हो गई है, जिसका इस्तेमाल नकली सिक्कों पर असली जैसी छाप तैयार करने के लिए किया गया था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सिक्कों की डाई कहां तैयार कराई गई, इसे किसने बनाया और इसके लिए गिरोह के सदस्यों ने किससे संपर्क किया था।
नगर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने 12 सितंबर को नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का राजफाश किया था। कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ शुरू की और गिरोह के काम करने के तरीके से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं।
सिक्के बनाने से लेकर बाजार में खपाने तक अलग-अलग जिम्मेदारी
जांच में पुलिस के सामने आया कि गिरोह के सदस्य नकली सिक्कों को तैयार करने, उनकी फिनिशिंग करने और फिर उन्हें बाजार में खपाने का काम अलग-अलग स्तर पर कर रहे थे। ऐसे में पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच का सबसे अहम बिंदु सिक्कों की डाई बनी हुई है। पुलिस मुख्य आरोपित उपकार लूथरा से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने डाई कहां तैयार करवाई थी। इसके साथ ही डाई बनाने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके संपर्क में आने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर बनी या दूसरे शहर से आई डाई?
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि डाई स्थानीय स्तर पर तैयार कराई गई थी या इसके लिए किसी दूसरे शहर में संपर्क किया गया था। यदि डाई बनाने वाले व्यक्ति या ठिकाने का पता चलता है तो पुलिस को गिरोह के नेटवर्क की एक और महत्वपूर्ण कड़ी मिल सकती है।
इसके लिए पुलिस आरोपितों के मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और आपसी बातचीत से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों को तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है
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