UP Power Crisis: उत्तर प्रदेश में कोयले की कमी के बीच बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है। लगातार बारिश और खदानों में जलभराव के कारण कोयले की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका असर तापीय बिजली उत्पादन पर पड़ा है। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 27 हजार मेगावाट तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालिया जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मौजूदा परिस्थितियों के कारण करीब 1500 से 2000 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है। इसके बावजूद बिजली विभाग ग्रामीण, तहसील और नगर पंचायत क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार अधिकतम संभव आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
कोयला संकट के बीच बिजली सप्लाई बनाए रखने की कोशिश
बारिश के कारण कोयला खदानों से उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के तापीय बिजली संयंत्रों पर पड़ा है। इससे पहले प्रदेश में करीब 2000 से 2500 मेगावाट तक बिजली की कमी की स्थिति सामने आई थी और कुछ तापीय इकाइयों में उत्पादन भी प्रभावित हुआ था।
हालांकि अब बिजली प्रबंधन के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है। उपलब्ध बिजली का बेहतर इस्तेमाल करते हुए ग्रामीण और तहसील क्षेत्रों के साथ-साथ नगर पंचायतों तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में भी आपूर्ति जारी रखने पर फोकस है।
रात में सीमित बिजली कटौती
बिजली की कमी को देखते हुए कुछ क्षेत्रों में रात के समय सीमित रोस्टरिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य पीक डिमांड के दौरान उपलब्ध बिजली को व्यवस्थित तरीके से वितरित करना है। यूपी में बिजली की मांग सितंबर में भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिससे कोयले की आपूर्ति में आई बाधा का असर अधिक महसूस हो रहा है।
बंद बिजली इकाइयों के चालू होने से मिलेगी राहत
अधिकारियों को उम्मीद है कि बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों के दोबारा चालू होने और कोयले की उपलब्धता में सुधार के साथ बिजली उत्पादन बढ़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कोयला आपूर्ति में सुधार से करीब 700 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है।
कोयला आपूर्ति में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने बारिश की स्थिति में सुधार के बाद उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाया है। 8 सितंबर को कंपनी का कोयला उत्पादन और आपूर्ति सितंबर के शुरुआती दिनों के औसत की तुलना में काफी बढ़ी थी।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने की समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सोमवार को विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शिड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जहां से भी विद्युत उपलब्ध हो, उसे प्राप्त कर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
जल्द मिलेगी अतिरिक्त बिजली
रात्रि में 2000 से 3000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध न हो पाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित कटौती की जा रही है। हालांकि आगामी दो-तीन दिनों में अनपरा डी, हरदुआगंज-ई तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयों के उपलब्ध होने से लगभग 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की संभावना है। इसके अलावा अनपरा के कोयले को लैंको की ओर डायवर्ट करने तथा बारा में कोयला आपूर्ति में सुधार के चलते रात्रि में अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करने से लगभग 700 मेगावाट विद्युत उपलब्धता एवं आपूर्ति में वृद्धि हुई है।
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