लखनऊ में UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नए नियमों और जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के विरोध में सवर्ण मोर्चा द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया गया, जिसमें 300 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन 23 अगस्त 2026 को गोमतीनगर स्थित 1090 चौराहे पर हुआ और इसमें प्रदर्शनकारियों ने ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां लहराईं।
प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे
प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- UGC नियमों को रद्द करना: यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन को पूरी तरह से रोल बैक करने की मांग
- आरक्षण व्यवस्था में सुधार: जाति आधारित आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग
- SC-ST एक्ट की समीक्षा: अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन या इसे समाप्त करने की मांग
- समान शिक्षा प्रणाली: सभी वर्गों के लिए समान शैक्षिक अवसर सुनिश्चित करने की मांग
प्रदर्शन का विवरण
रविवार दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की और ‘UGC रोलबैक’, ‘आरक्षण खत्म करो’ जैसे नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समता मूलक चौराहे पर रोक दिया और कई लोगों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी भैंसा कुंड तक पहुंचने में सफल रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह प्रदर्शन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
- सपा और बसप का विरोध: समाजवादी पार्टी chief अखिलेश यादव और BSP chief मायावती ने BJP की स्थिति पर सवाल उठाए और SC, ST, OBC समुदायों के संवैधानिक अधिकारों पर किसी भी समझौते का विरोध किया।
- सरकार का रुख: UP के Deputy CM ब्रजेश पाठक ने आरक्षण सुधार आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनके मेमोरेंडम को केंद्र तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
- OBC समर्थन: कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, OBC समाज के लोग भी सवर्ण मोर्चा के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए।
यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए similar विरोध प्रदर्शनों की कड़ी है, जहां Reservation Hatao Andolan और अन्य समूहों ने UGC Act और SC/ST Act के खिलाफ प्रदर्शन किया था। सोशल मीडिया, खासकर Instagram पर चल रहे ‘Reservation Hatao Andolan’ अभियान ने इस आंदोलन को गति दी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि merit होने के बाद भी उन्हें admission नहीं मिलता, जबकि कम नंबर वाले candidates आरक्षण की वजह से admission पा जाते हैं। वे तर्क देते हैं कि जो लोग पहले से ही IAS, IPS जैसे पदों पर पहुंच चुके हैं, उन्हें आरक्षण की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
आगे की रणनीति
सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक UGC नियम वापस नहीं लिए जाते और आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं होता। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण में सुधार होगा, तभी मोदी 2029 में सत्ता में आने का सपना देख सकते हैं।
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