LPU Protest 2026: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से जुड़ी कथित घटना को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन करीब 24 घंटे तक तनाव और हिंसा में बदलता रहा। रात में सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे तेजी से वायरल हुए, सुबह छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया और बाद में विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि प्रदर्शन का कोई स्पष्ट औपचारिक नेतृत्व सामने नहीं था। न कोई एक छात्र संगठन आंदोलन की अगुवाई कर रहा था और न ही कोई तय मंच था। अलग-अलग हॉस्टलों से छात्र जुड़ते गए और सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं के आधार पर आक्रोश बढ़ता गया।
रात में वायरल हुए अलग-अलग दावे
शनिवार देर रात विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा से जुड़ी कथित घटना को लेकर मोबाइल फोन और सोशल मीडिया पर कई तरह के संदेश प्रसारित होने लगे। इनमें यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म और आत्महत्या जैसे अलग-अलग दावे शामिल थे।
हालांकि शुरुआती दौर में पुलिस ने ऐसी किसी घटना की शिकायत मिलने से इनकार किया था। विश्वविद्यालय ने भी सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की।
यही स्थिति पूरे घटनाक्रम को और जटिल बनाती गई। एक तरफ आधिकारिक पुष्टि नहीं थी, वहीं दूसरी तरफ छात्रों के बीच लगातार संदेश और वीडियो प्रसारित हो रहे थे।
रात करीब दो बजे बढ़ी भीड़
पुलिस को देर रात विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की सूचना मिली। अलग-अलग हॉस्टलों से छात्र बाहर आने लगे। रिपोर्टों के अनुसार, करीब दो बजे के आसपास प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश क्षेत्र की ओर बढ़े।
इसके बाद छात्रों का विरोध विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। हाईवे पर बड़ी संख्या में छात्रों के जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
सुबह हाईवे जाम, बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। छात्रों की मांग थी कि कथित घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत की कोशिश भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से उनकी शिकायतें सुनीं और जांच का भरोसा दिया। बाद में पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित कर दी।
परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी
तनाव कम होने के बजाय दिन बढ़ने के साथ परिसर में स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। खिड़कियों के शीशे टूटे और परिसर में कई जगह तोड़फोड़ की गई। कुछ वस्तुओं और इमारत के हिस्सों में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई।
पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिसर और आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई।
FIR के बाद SIT जांच शुरू
पुलिस ने एक छात्रा के बयान के आधार पर कथित दुष्कर्म के आरोप में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच के लिए SIT का गठन किया गया है, जिसमें पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिस अधिकारी और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के अनुसार, पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है वायरल दावों की हकीकत?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है। कुछ रिपोर्टों में छात्रों की ओर से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या को जोड़कर दावे किए गए हैं, जबकि पुलिस ने शुरुआती चरण में ऐसी घटना की पुष्टि नहीं की थी। एक महिला की मौत से जुड़ी अलग घटना का भी पुलिस ने उल्लेख किया है, लेकिन उसे वायरल दुष्कर्म के दावे से जोड़ने वाली पुष्टि जांच के स्तर पर नहीं हुई है।
इसलिए फिलहाल कथित घटना से जुड़े सोशल मीडिया दावों को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। SIT की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल दावों में कितनी सच्चाई है और घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
24 घंटे तक क्यों बना रहा तनाव?
पूरे घटनाक्रम को देखें तो तनाव बढ़ने के पीछे कई चीजें एक साथ सामने आती हैं—सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अपुष्ट सूचनाएं, छात्रों के बीच असुरक्षा की भावना, बड़ी संख्या में छात्रों का एक साथ जुटना और प्रशासन के प्रति उठ रहे सवाल।
इसके बाद जब विरोध हाईवे तक पहुंचा और परिसर में तोड़फोड़ व आगजनी हुई तो मामला केवल छात्र प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। अब पुलिस के सामने एक तरफ कथित घटना की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी तरफ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की जांच भी चुनौती बनी हुई है।
फिलहाल LPU परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।






