Prayagraj Teacher Recruitment Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के सामने बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न को लागू करने की मांग कर रहे हैं। वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती में भी बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग उठ रही है।
5 सितंबर से जारी है आमरण अनशन
प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 5 सितंबर से जारी है। कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई नियमावली और परीक्षा प्रक्रिया में किए गए बदलावों से उन युवाओं की वर्षों की तैयारी प्रभावित हुई है, जो पुराने नियमों के आधार पर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
अभ्यर्थियों की मांग है कि जिन पदों के लिए पहले से भर्ती प्रक्रिया की तैयारी चल रही थी, उनके लिए पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर ही विज्ञापन जारी किया जाए।
TGT-PGT भर्ती में पुराने नियम लागू करने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TGT-PGT भर्ती में नियमों में अचानक बदलाव से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। प्रदर्शनकारी पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने TET, सामान्य अध्ययन और माइनस मार्किंग जैसी नई व्यवस्थाओं पर भी आपत्ति जताई है।
युवा मंच की ओर से दावा किया गया है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में हजारों शिक्षक पद खाली हैं। संगठन की मांग है कि इन पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग
TGT-PGT के साथ-साथ प्रयागराज में प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर भी अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। D.El.Ed अभ्यर्थियों की ओर से परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 60 हजार सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती की मांग की जा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली हैं। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम पद शामिल किए जाने से युवाओं में नाराजगी है।
पुलिस ने की बैरिकेडिंग, आंदोलन पर प्रशासन की नजर
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी सतर्क है। धरना स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि, मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी गई है।
संजय सिंह और छात्र संगठनों ने दिया समर्थन
प्रयागराज के इस शिक्षक भर्ती आंदोलन को राजनीतिक और छात्र संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर चुके हैं और उन्होंने सरकार से युवाओं की मांगों पर ध्यान देने की अपील की है। वहीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर समर्थन जताया।
अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर
प्रयागराज में UP Teacher Recruitment Protest अब लगातार चर्चा में है। एक तरफ TGT-PGT अभ्यर्थी पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न की बहाली की मांग कर रहे हैं, वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित भर्ती आयोग के अगले कदम पर है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय आने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
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