Wednesday, September 30, 2026
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यूपी में 15 अक्टूबर से बदलेगा मिठाई खरीदने का नियम, खुली मिठाई पर भी बतानी होगी ‘यूज बाई डेट’

Use By Date: उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों के लिए अहम बदलाव होने जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से राज्य में बिक्री के लिए प्रदर्शित और भंडारित मिठाइयों पर ‘यूज बाई डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तिथि बताना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि यह नियम खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा। 

खुली मिठाई खरीदते समय मिलेगी तारीख की जानकारी

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के आदेश के मुताबिक, मिठाई की दुकान पर बिक्री के लिए रखी मिठाइयों के संबंध में ग्राहक को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि वह मिठाई कब तक इस्तेमाल के लिए उपयुक्त है।

अब तक पैक्ड मिठाइयों पर ऐसी जानकारी देना अनिवार्य था, लेकिन खुली मिठाइयों के मामले में अंतिम उपयोग तिथि प्रदर्शित करने की व्यवस्था स्पष्ट रूप से अनिवार्य नहीं थी। नई व्यवस्था इसी अंतर को दूर करेगी।

मिठाई की शेल्फ लाइफ अलग-अलग

FSDA के अनुसार, मिठाई की उपयोग अवधि उसके प्रकार और प्रकृति पर निर्भर करती है। अलग-अलग मिठाइयों की उपयोग अवधि एक दिन से लेकर करीब 30 दिन तक हो सकती है। समय बीतने के साथ मिठाई की गुणवत्ता, स्वाद और ताजगी प्रभावित हो सकती है। इसलिए ग्राहक को खरीदारी से पहले उसकी उपयोग अवधि की जानकारी मिलना जरूरी माना गया है।

क्यों लिया गया फैसला?

विभाग की हालिया जांच और प्रवर्तन कार्रवाइयों के दौरान यह सामने आया कि कई जगहों पर ग्राहकों को मिठाई के निर्माण और उपयोग की अवधि से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही थी। नई व्यवस्था के जरिए ग्राहक को मिठाई की ताजगी और उपयोग अवधि के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।

गौरतलब है कि FSSAI ने 2020 में भी गैर-पैकेज्ड/खुली मिठाइयों के लिए ‘Best Before Date’ प्रदर्शित करने का निर्देश जारी किया था। उत्तर प्रदेश का नया आदेश राज्य में बिक्री के लिए रखी मिठाइयों पर ‘Use-by Date’ को प्रदर्शित करने की व्यवस्था को लागू करने पर केंद्रित है।

दूध उत्पादों को लेकर भी निर्देश

इसी कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की बात सामने आई है। विभाग के मुताबिक इन रसायनों के खाद्य पदार्थ में मिल जाने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकता है। इनके विकल्प के तौर पर प्रोपिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है।

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Himanshu Dubey
Himanshu Dubeyhttps://nation9network.com
हिमांशु दुबे पूर्वांचल की मिट्टी और अवध की तहज़ीब से निकलकर दिल्ली के दिल तक का सफ़र—जहाँ शब्दों ने पहचान दी और पत्रकारिता ने दिशा तय की।मीडिया और समाज को करीब से समझने की जिज्ञासा मुझे जामिया मिल्लिया इस्लामिया तक ले गई, जहाँ मैंने मास मीडिया का अध्ययन किया। वर्तमान में मैं भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का छात्र हूँ और पत्रकारिता को सिर्फ़ एक पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज को देखने, समझने और उसके सवालों को सामने लाने के माध्यम के रूप में देखता हूँ। आज़मगढ़ | लखनऊ | दिल्ली | जम्मू 📍 मैं समाज, राजनीति, ज़मीनी सरोकार के साथ वर्तमान में समसामयिक विषयों पर लिखता हूँ इसके साथ ही टेक्नोलॉजी, डिफेंस, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, देश और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों को सरल और सहज भाषा में पाठकों तक पहुंचाना मेरी लेखन शैली और विवेक की प्राथमिकता है। संपर्क: ✉️ iamhimanshu032@gmail.com
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