नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में CJP के को-कन्वेनर सौरव दास ने संजय और उनकी बेटी नीशू के लिए न्याय की मांग करते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन तक मार्च करने का ऐलान किया है। दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि संगठन किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी को न्याय की लड़ाई में अकेला नहीं छोड़ेगा।
मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। उनकी बेटी नीशू आजाद ने बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले में न्याय की मांग की। नीशू का आरोप है कि उनके परिवार ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
क्या है पूरा मामला?
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में भारद्वाज ने संजय पर हमला करने का दावा किया और राजनीतिक नेताओं से अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। इन दावों के बाद घटना को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
सौरव दास ने क्या कहा?
CJP के सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संजय के मामले में गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने दावा किया कि चोट की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी। दास ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और कार्रवाई को लेकर भी पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है।
दास ने कहा कि वह संगठन के सदस्यों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और संजय तथा नीशू के लिए न्याय की मांग करेंगे। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और सुरक्षा के सवाल पर संगठन अपनी आवाज उठाता रहेगा।
दिल्ली पुलिस का क्या कहना है?
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए दावों को लेकर अलग पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, संजय कुमार को जंतर-मंतर पर झड़प के दौरान कड़ा लगने से सिर में चोट आई थी। पुलिस का कहना है कि RML अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच की गई और मेडिकल राय में चोट को साधारण प्रकृति की बताया गया। पुलिस ने खोपड़ी टूटने के दावे को तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना है।
पुलिस के मुताबिक, संजय की शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति सूरज कुमार को घटनास्थल से हिरासत में लिया गया था तथा बाद में पूछताछ की गई। पुलिस ने कहा है कि जांच के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। साथ ही पुलिस ने किसी तरह के राजनीतिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप के आरोपों से इनकार किया है।
नीशू को राहुल गांधी का समर्थन
मामले में नीशू आजाद की सोशल मीडिया अपील के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उन्हें समर्थन देने की बात कही। गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि न्याय की लड़ाई में नीशू अकेली नहीं हैं। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया।
फिलहाल इस मामले में CJP की ओर से मार्च के ऐलान और दिल्ली पुलिस के पक्ष के बीच विवाद बना हुआ है। एक तरफ प्रदर्शनकारी पक्ष पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है। ऐसे में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तविक रूप से क्या हुआ और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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