PMAdarshGramYojana: उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। योजना के तहत शामिल 103 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 19 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने के बावजूद 87 ग्राम पंचायतों में काम अभी तक अधूरे बताए जा रहे हैं। वहीं, जिन कार्यों को पूरा बताया गया है, उनका विभागीय स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है।
103 ग्राम पंचायतों में होना था विकास कार्य
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2019-20 से 2021-22 के बीच 103 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया गया था। प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब 20 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाने थे।
इन कार्यों में गांवों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ नाली निर्माण, सोलर संबंधी कार्य और अन्य आवश्यक विकास कार्य शामिल थे। योजना के तहत निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी यूपी सिडको को दी गई थी।
यूपी सिडको को 19 करोड़ से ज्यादा का भुगतान
योजना के तहत निर्धारित कार्यों के लिए यूपी सिडको को 19 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरे नहीं हो सके हैं।
जानकारी के मुताबिक, 103 में से 87 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे पाए गए हैं। इससे योजना के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विभागीय स्तर पर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई है।
नालियों के निर्माण में मिलीं कई खामियां
विभागीय सत्यापन के दौरान कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में कमियां सामने आई हैं। खास तौर पर नालियों के निर्माण में खामियां मिलने की बात सामने आई है। कई जगह नालियों का प्लास्टर टूट गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
विभागीय जांच में यह भी देखा जा रहा है कि स्वीकृत धनराशि के अनुरूप निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य कराया गया है या नहीं।
सोलर कार्यों में भी सामने आई कमी
नाली निर्माण के अलावा गांवों में कराए गए सोलर संबंधी कार्यों में भी कमियां मिलने की जानकारी सामने आई है। विभाग की ओर से पूर्ण बताए गए कार्यों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौके पर काम निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
निर्माण कार्यों में मिली कमियों के कारण फिलहाल सभी कार्यों के संबंध में उपभोग प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सका है। विभागीय स्तर पर पूर्ण कार्यों का सत्यापन जारी है।
सत्यापन पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे हुए हैं और किन कार्यों में सुधार या पुनः निर्माण की आवश्यकता है। योजना के तहत खर्च की गई धनराशि और मौके पर हुए कार्यों के बीच स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है।
योजना से जुड़ी प्रमुख बातें
- योजना: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना
- कुल ग्राम पंचायतें: 103
- योजना में शामिल अवधि: 2019-20 से 2021-22
- प्रति ग्राम पंचायत निर्धारित राशि: करीब 20 लाख रुपये
- कार्यदायी संस्था: यूपी सिडको
- भुगतान: 19 करोड़ रुपये से अधिक
- अधूरे कार्य: 87 ग्राम पंचायतों में
- प्रमुख कमियां: नाली निर्माण और सोलर कार्य
- वर्तमान स्थिति: पूर्ण कार्यों का विभागीय सत्यापन जारी
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