UPElection2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता संजीव बालियान ने चुनावी मुकाबले को बेहद कांटे की टक्कर वाला बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और जातीय समीकरणों की गहरी समझ है।
‘यूपी के चप्पे-चप्पे की जानकारी’
संजीव बालियान ने यूपी तक के पॉडकास्ट में कहा कि अमित शाह और सुनील बंसल को प्रदेश के एक-एक गांव, कार्यकर्ता और जातीय समीकरणों की जानकारी है। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं को यह समझ है कि चुनाव के दौरान किसे साथ जोड़ना है, किससे संवाद करना है और संगठन को किस तरह सक्रिय करना है।
बालियान ने कहा कि अगर अमित शाह और सुनील बंसल 2027 के यूपी चुनाव की कमान संभालते हैं, तो बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति बनाना और उसे जमीन पर लागू करना आसान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता भी चाहते हैं कि दोनों नेताओं के अनुभव का पार्टी को लाभ मिले।
2017 का किस्सा भी सुनाया
अमित शाह की चुनावी रणनीति का जिक्र करते हुए बालियान ने 2017 के विधानसभा चुनाव के समय की एक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि जाट नेताओं की एक बैठक से पहले आपसी मतभेद पैदा हो गए थे। उनके अनुसार, अमित शाह के पहुंचने के बाद बैठक में मोबाइल फोन बंद करवाए गए और रणनीतिक चर्चा की गई। बालियान ने शाह की कार्यशैली को लेकर कहा कि उन्हें यह पता रहता है कि किस समय कौन-सी बात सामने रखनी है और किसे कब बातचीत के लिए बुलाना है।
2027 का चुनाव नहीं लड़ेंगे बालियान
संजीव बालियान ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका उत्तर प्रदेश की लखनऊ वाली राजनीति में जाने का इरादा नहीं है और वह केंद्र की राजनीति में ही सहज महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरुआती दौर में हैं। ऐसे में नेताओं के बयान, संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां आने वाले महीनों में चर्चा का विषय बनी रहेंगी






