Laptop Battery Health: लैपटॉप आज पढ़ाई, ऑफिस के काम, वर्क फ्रॉम होम और कंटेंट क्रिएशन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इसकी बैटरी का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। समय के साथ लैपटॉप की बैटरी की चार्ज होल्ड करने की क्षमता कम होने लगती है। इससे बैटरी जल्दी खत्म होने के साथ अचानक लैपटॉप बंद होने और डेटा खोने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
इसलिए समय-समय पर लैपटॉप की Battery Health चेक करना उपयोगी है। Windows लैपटॉप में इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ती। सिस्टम में मौजूद एक कमांड की मदद से बैटरी की रिपोर्ट तैयार की जा सकती है।
Windows लैपटॉप में ऐसे चेक करें Battery Health
सबसे पहले अपने Windows लैपटॉप के डेस्कटॉप पर जाएं और Windows Key दबाएं। इसके बाद सर्च बॉक्स में CMD या Command Prompt टाइप करें।
Command Prompt दिखाई देने पर उस पर राइट-क्लिक करें और Run as administrator विकल्प चुनें।
अब Command Prompt में यह कमांड दर्ज करें:
powercfg /batteryreport
इसके बाद Enter दबाएं। कमांड चलने के बाद Windows आपके लैपटॉप की बैटरी की एक रिपोर्ट तैयार करेगा और उसका फाइल पाथ स्क्रीन पर दिखाई देगा।
आमतौर पर यह रिपोर्ट इस तरह के स्थान पर सेव हो सकती है:
C:\Users\[YourUsername]\battery-report.html
अब File Explorer खोलें और बताए गए फोल्डर में जाकर battery-report.html फाइल खोलें। इसे किसी वेब ब्राउजर में भी खोला जा सकता है।
Design Capacity और Full Charge Capacity देखें
Battery Report खुलने के बाद Installed batteries सेक्शन में जाएं। यहां आपको मुख्य रूप से Design Capacity और Full Charge Capacity दिखाई देगी।
- Design Capacity: बैटरी की मूल क्षमता
- Full Charge Capacity: फिलहाल बैटरी जितनी अधिकतम क्षमता तक चार्ज हो सकती है
बैटरी की अनुमानित हेल्थ निकालने के लिए:
Battery Health (%) = Full Charge Capacity ÷ Design Capacity × 100
उदाहरण के तौर पर अगर बैटरी की Design Capacity 50,000 mWh है और Full Charge Capacity 40,000 mWh रह गई है, तो बैटरी की क्षमता लगभग 80 प्रतिशत बची है।
बैटरी कमजोर होने के संकेत
अगर Full Charge Capacity समय के साथ लगातार कम होती जा रही है, तो यह बैटरी के घिसने का संकेत हो सकता है। बैटरी बहुत तेजी से खत्म होना, लैपटॉप का अचानक बंद होना या चार्जिंग के बावजूद कम बैकअप मिलना भी इसकी क्षमता कम होने के संकेत हो सकते हैं।
हालांकि केवल एक प्रतिशत के आधार पर बैटरी बदलने का फैसला नहीं करना चाहिए। बैटरी की उम्र, लैपटॉप का इस्तेमाल, चार्जिंग साइकल और निर्माता की सलाह को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
समय-समय पर Battery Report चेक करने से आपको अपने लैपटॉप की बैटरी की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है और जरूरत पड़ने पर समय रहते बैटरी बदलने या सर्विस कराने का फैसला लिया जा सकता है।
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