Monday, September 7, 2026
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8वें वेतन आयोग से पहले दिवाली बोनस पर बड़ा अपडेट, बदला फॉर्मूला तो ₹7 हजार से ₹46 हजार पार पहुंच सकती है रकम

नई दिल्ली: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर एक बार फिर बड़ी मांग सामने आई है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बोनस की गणना में इस्तेमाल होने वाली 7,000 रुपये की पुरानी अधिकतम सीमा को खत्म किया जाए। अगर सरकार बोनस की गणना को मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे या 8वें वेतन आयोग के बाद तय होने वाली नई बेसिक सैलरी से जोड़ती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि, फिलहाल यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग है। सरकार की ओर से बोनस की गणना का फॉर्मूला बदलने या 7,000 रुपये की सीमा हटाने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।

7,000 रुपये की सीमा हटाने से कितना बढ़ सकता है बोनस?

मौजूदा व्यवस्था में बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की सीमा का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि लंबे समय से वेतन संरचना में बदलाव के बावजूद बोनस की गणना की यह सीमा पुरानी बनी हुई है।

अगर इस सीमा को हटाकर वास्तविक बेसिक पे को गणना का आधार बनाया जाता है, तो बोनस की रकम में बड़ा अंतर आ सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि 18,000 रुपये के बेसिक पे को आधार बनाया जाए, तो मौजूदा 7,000 रुपये की सीमा की तुलना में बोनस काफी अधिक हो सकता है।

रेलवे कर्मचारियों को भी हो सकता है बड़ा फायदा

बोनस फॉर्मूले में बदलाव का सबसे बड़ा असर रेलवे के पात्र कर्मचारियों पर देखने को मिल सकता है। पात्र अराजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाता है।

मौजूदा 7,000 रुपये की गणना सीमा के आधार पर यह बोनस करीब 17,951 रुपये बैठता है। वहीं अगर गणना की सीमा हटाकर बेसिक पे को आधार बनाया जाता है और बेसिक पे 18,000 रुपये माना जाए, तो बोनस की रकम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। दिए गए अनुमान के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में यह राशि 46,000 रुपये से अधिक तक पहुंच सकती है।

किन केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा?

अगर सरकार बोनस की गणना का फॉर्मूला बदलती है, तो इसका लाभ कई विभागों के पात्र कर्मचारियों को मिल सकता है। इनमें मुख्य रूप से—

  • रेलवे के पात्र कर्मचारी
  • डाक विभाग के कर्मचारी
  • ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के पात्र कर्मचारी
  • केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत कर्मचारी
  • ग्रुप ‘सी’ कर्मचारी
  • नॉन-राजपत्रित ग्रुप ‘बी’ कर्मचारी

शामिल हो सकते हैं।

8वें वेतन आयोग से क्यों जुड़ी है उम्मीद?

कर्मचारी संगठनों की नजर अब 8वें वेतन आयोग पर भी है। वे चाहते हैं कि वेतन संरचना में बदलाव के साथ बोनस की गणना के पुराने आधार की भी समीक्षा की जाए।

यदि 8वें वेतन आयोग के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ती है और बोनस की गणना को नई बेसिक पे से जोड़ा जाता है, तो बोनस की रकम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

अभी अंतिम फैसला नहीं

फिलहाल 7,000 रुपये की सीमा हटाने और बोनस को नई बेसिक पे से जोड़ने का प्रस्ताव कर्मचारी संगठनों की मांग के स्तर पर है। सरकार ने इस संबंध में अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। इसलिए ₹46 हजार या इससे अधिक बोनस को फिलहाल संभावित रकम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, तय भुगतान के तौर पर नहीं।

आने वाले समय में 8वें वेतन आयोग और केंद्र सरकार के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि बोनस की गणना के मौजूदा नियमों में बदलाव किया जाता है या नहीं।

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Himanshu Dubey
Himanshu Dubeyhttps://nation9network.com
मैं हिमांशु दुबे पूर्वांचल की मिट्टी और अवध की तहज़ीब से निकलकर दिल्ली के दिल तक का सफ़र—जहाँ शब्दों ने मुझे पहचान दी और पत्रकारिता ने मेरी दिशा तय की। मीडिया और समाज को करीब से समझने की जिज्ञासा मुझे जामिया मिल्लिया इस्लामिया तक ले गई, जहाँ मैंने मास मीडिया का अध्ययन किया। वर्तमान में मैं भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का छात्र हूँ और पत्रकारिता को एक पेशे के साथ-साथ समाज को देखने और समझने का माध्यम मानता हूँ। आज़मगढ़ | लखनऊ | दिल्ली | जम्मू 📍 समाज, राजनीति, संस्कृति और ज़मीनी सरोकारों से जुड़े सवालों को समझना और उन्हें अपनी भाषा में सामने रखना मेरी निरंतर कोशिश है। संपर्क: ✉️ iamhimanshu032@gmail.com
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